
धनबाद (DHANBAD): धनबाद नगर निगम में क्या फ्रेंडली फाइट हो रही है अथवा इस बरसात परेशानी झेल रही जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है. आखिर पार्षद इतने आक्रोशित क्यों है? धनबाद नगर निगम की शनिवार को आयोजित तीसरी बैठक भी हंगामे की भेंट चढ़ गई. विकास कार्यों की अनदेखी, सफाई कर्मियों की संख्या में कमी से पार्षद काफी आक्रोशित दिखे. बैठक का पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया और बाहर निकल गए. पार्षद कह रहे थे कि पिछले दो बैठक में, जो मुद्दे पास हुए हैं, उन पर अब तक काम नहीं हुआ है. जिससे योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं. वार्ड के लिए स्वीकृत 15 सफाई कर्मियों की जगह केवल तेरह ही दिए गए है. जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर नहीं बनने से जनता का आक्रोश पार्षद झेल रहे है.
क्यों और कैसे पैदा हुई असहज स्थिति
धनबाद नगर निगम की बोर्ड बैठक में उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब नगर निगम की प्रशासनिक कार्यशैली से नाराज 55 वार्डों के पार्षदों ने एकजुट होकर बैठक का बहिष्कार कर दिया. पार्षदों के बहिष्कार के कारण कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव, जिन्हें बोर्ड से स्वीकृति मिलनी थी, पारित नहीं हो सके.बाबूडीह विवाह भवन में आयोजित बोर्ड बैठक में मेयर संजीव सिंह, धनबाद विधायक राज सिन्हा, डिप्टी मेयर अरुण चौहान, सभी वार्डों के पार्षद तथा नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे. बैठक के दौरान पार्षदों ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर अपना कड़ा असंतोष व्यक्त किया.
क्या कहा मेयर और विधायक ने
पार्षदों का कहना था कि बोर्ड बैठकों में जनहित से जुड़े कई विकास प्रस्ताव पारित किए जाते हैं, लेकिन उन पर समय पर अमल नहीं होने के कारण योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती है. इससे जनता के बीच जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही प्रभावित होती है और विकास कार्य ठप पड़े रहते हैं. बैठक के दौरान विधायक राज सिन्हा ने भी नगर निगम की वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि निगम के पास संसाधनों और फंड की कमी है, जिसके कारण कई विकास योजनाओं को गति देने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. मेयर संजीव सिंह ने पार्षदों की नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जनता ने पार्षदों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए चुनकर भेजा है, लेकिन यदि विकास कार्य धरातल पर नहीं उतर रहे हैं, तो उनकी नाराजगी स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके. मेयर ने भरोसा दिलाया कि सभी जनप्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा.












